santmat sangeet

Jagat Bhav Bhay Lajja Chhodo

  • Varṇan Mahatm-Bhakti Ka
  • Bachan 2 Shabad 2

  • Jagat Bhav Bhay Lajja Chhodo. Sun Pyare Too Kar Bhakti ॥ 1 ॥
  • Jati Baran Bhay Lajja Tyago. Sun Pyare Too Kar Bhakti ॥ 2 ॥
  • Shatru Mitr ḍar Door Haṭa_O. Sun Pyare Too Kar Bhakti ॥ 3 ॥
  • Mat Pita ḍar Chhod Gnva_O. Sun Pyare Too Kar Bhakti ॥ 4 ॥
  • Joroo Ladke Mat ḍar Inase. Sun Pyare Too Kar Bhakti ॥ 5 ॥
  • Bha_Ii Bhateejon Ka ḍar Mat Kar. Sun Pyare Too Kar Bhakti ॥ 6 ॥
  • Sas Sasur ḍar Man Se Chhodo. Sun Pyare Too Kar Bhakti ॥ 7 ॥
  • Bahoo Jama_Ii In Ka ḍar Taj. Sun Pyare Too Kar Bhakti ॥ 8 ॥
  • Yar Ashana Sab ḍar Chhodo. Sun Pyare Too Kar Bhakti ॥ 9 ॥
  • Natedar Kuṭumbee Jitane. Inaka ḍar Taj Kar Bhakti ॥ 10 ॥
  • Bhakti Ang Men Jab Too Barate. Chhod Jhijhak In Kar Bhakti ॥ 11 ॥
  • Jo Moorakh Hain Marm N Janen. Inaka ḍar Kya Kar Bhakti ॥ 12 ॥
  • Inaka ḍar Kuchh Mat Kar Man Men. Sun Pyare Too Kar Bhakti ॥ 13 ॥
  • Bheṣ Bheṣ Ko Dekh Lajave. So Bhee Kachcha Kar Bhakti ॥ 14 ॥
  • Jab Lag Sab Se Niḍar N Hove. Tab Lag Kachcha Kar Bhakti ॥ 15 ॥
  • Zaillat Ijjat Jo Kuchh Hove. Mauj Vicharon Kar Bhakti ॥ 16 ॥
  • Guru Ka Bal Hirade Dhar Apane. Sun Pyare Too Kar Bhakti ॥ 17 ॥
  • Yah Bigad Kuchh Karen N Tera. Kyon Jhijhake Too Kar Bhakti ॥ 18 ॥
  • Bina Mauj Guru Kuchh Nahin Hota. Sun Pyare Too Kar Bhakti ॥ 19 ॥
  • Too Kachcha Yah Kare Kacha_Ii. Aur Kahoon Kya Kar Bhakti ॥ 20 ॥
  • Karate Karate Pakka Hoga. Aur Upav N Kar Bhakti ॥ 21 ॥
  • Kachchee Se Pakkee Hoy Ik Din. Chhod Kapaṭ Too Kar Bhakti ॥ 22 ॥
  • Kapaṭ Bhakti Kuchh Kam N Ave. Sachchee Kachchee Kar Bhakti ॥ 23 ॥
  • RadhaSwami Kahat Suna_Ii. Jaisee Bane Taisee Kar Bhakti ॥ 24 ॥
  • वर्णन महात्म-भक्ति का
  • बचन 2: शब्द 2

  • जगत भाव भय लज्जा छोड़ो। सुन प्यारे तू कर भक्ति॥1॥
  • जाति बरन भय लज्जा त्यागो। सुन प्यारे तू कर भक्ति॥2॥
  • शत्रु मित्र डर दूर हटाओ। सुन प्यारे तू कर भक्ति॥3॥
  • मात पिता डर छोड़ गँवाओ। सुन प्यारे तू कर भक्ति॥4॥
  • जोरू लड़के मत डर इनसे। सुन प्यारे तू कर भक्ति॥5॥
  • भाई भतीजों का डर मत कर। सुन प्यारे तू कर भक्ति॥6॥
  • सास ससुर डर मन से छोड़ो। सुन प्यारे तू कर भक्ति॥7॥
  • बहू जमाई इन का डर तज। सुन प्यारे तू कर भक्ति॥8॥
  • यार आशना सब डर छोड़ो। सुन प्यारे तू कर भक्ति॥9॥
  • नातेदार कुटुम्बी जितने। इनका डर तज कर भक्ति॥10॥
  • भक्ति अंग में जब तू बरते। छोड़ झिझक इन कर भक्ति॥11॥
  • जो मूरख हैं मर्म न जानें। इनका डर क्या कर भक्ति॥12॥
  • इनका डर कुछ मत कर मन में। सुन प्यारे तू कर भक्ति॥13॥
  • भेष भेष को देख लजावे। सो भी कच्चा कर भक्ति॥14॥
  • जब लग सब से निडर न होवे। तब लग कच्चा कर भक्ति॥15॥
  • ज़िल्लत इज्जत जो कुछ होवे। मौज विचारों कर भक्ति॥16॥
  • गुरु का बल हिरदे धर अपने। सुन प्यारे तू कर भक्ति॥17॥
  • यह बिगाड़ कुछ करें न तेरा। क्यों झिझके तू कर भक्ति॥18॥
  • बिना मौज गुरु कुछ नहिं होता। सुन प्यारे तू कर भक्ति॥19॥
  • तू कच्चा यह करे कचाई। और कहूं क्या कर भक्ति॥20॥
  • करते करते पक्का होगा। और उपाव न कर भक्ति॥21॥
  • कच्ची से पक्की होय इक दिन। छोड़ कपट तू कर भक्ति॥ 22॥
  • कपट भक्ति कुछ काम न आवे। सच्ची कच्ची कर भक्ति॥ 23॥
  • राधास्वामी कहत सुनाई। जैसी बने तैसी कर भक्ति॥ 24॥
  • ਬਰਨਨ ਮਹਾਤਮ ਭਗਤੀ ਕਾ
  • ਬਚਨ 12: ਸ਼ਬਦ 2

  • ਜਗਤ ਭਾਵ ਭੈ ਲੱਜਾ ਛੋੜੋ। ਸੁਨ ਪਿਆਰੇ ਤੂ ਕਰ ਭਗਤੀ॥ 1 ॥
  • ਜ਼ਾਤ ਬਰਨ ਭੈ ਲੱਜਾ ਤਿਆਗੋ। ਸੁਨ ਪਿਆਰੇ ਤੂ ਕਰ ਭਗਤੀ॥ 2 ॥
  • ਸ਼ਤ੍ਰ ਮਿਤ੍ਰ ਡਰ ਦੂਰ ਹਟਾਓ। ਸੁਨ ਪਿਆਰੇ ਤੂ ਕਰ ਭਗਤੀ॥ 3 ॥
  • ਮਾਤ ਪਿਤਾ ਡਰ ਛੋੜ ਗਵਾਓ। ਸੁਨ ਪਿਆਰੇ ਤੂ ਕਰ ਭਗਤੀ॥ 4 ॥
  • ਜੋਰੂ ਲੜ ਕੇ ਮਤ ਡਰ ਇਨ ਸੇ। ਸੁਨ ਪਿਆਰੇ ਤੂ ਕਰ ਭਗਤੀ॥ 5 ॥
  • ਭਾਈ ਭਤੀਜੋਂ ਕਾ ਡਰ ਮਤ ਕਰ। ਸੁਨ ਪਿਆਰੇ ਤੂ ਕਰ ਭਗਤੀ॥ 6 ॥
  • ਸਾਸ ਸਸੁਰ ਡਰ ਮਨ ਸੇ ਛੋੜੋ। ਸੁਨ ਪਿਆਰੇ ਤੂ ਕਰ ਭਗਤੀ॥ 7 ॥
  • ਬਹੂ ਜਮਾਈ ਇਨ ਕਾ ਡਰ ਤਜ। ਸੁਨ ਪਿਆਰੇ ਤੂ ਕਰ ਭਗਤੀ॥ 8 ॥
  • ਯਾਰ ਆਸ਼ਨਾ ਸਬ ਡਰ ਛੋੜੋ। ਸੁਨ ਪਿਆਰੇ ਤੂ ਕਰ ਭਗਤੀ॥ 9 ॥
  • ਨਾਤੇਦਾਰ ਕੁਟੰਬੀ ਜਿਤਨੇ। ਇਨਕਾ ਡਰ ਤਜ ਕਰ ਭਗਤੀ॥ 10 ॥
  • ਭਗਤੀ ਅੰਗ ਮੇਂ ਜਬ ਤੂ ਬਰਤੇਂ। ਛੋੜ ਝਿਝਕ ਇਨ ਕਰ ਭਗਤੀ॥ 11 ॥
  • ਜੋ ਮੂਰਖ ਹੈਂ ਮਰਮ ਨ ਜਾਨੇਂ। ਇਨਕਾ ਡਰ ਕਿਆ ਕਰ ਭਗਤੀ॥ 12 ॥
  • ਇਨ ਕਾ ਡਰ ਕੁਛ ਮਤ ਕਰ ਮਨ ਮੇਂ । ਸੁਨ ਪਿਆਰੇ ਤੂ ਕਰ ਭਗਤੀ॥ 13 ॥
  • ਭੇਖ ਭੇਖ ਕੋ ਦੇਖ ਲਜਾਵੇ। ਸੋ ਭੀ ਕੱਚਾ ਕਰ ਭਗਤੀ॥ 14 ॥
  • ਜਬ ਲਗ ਸਬ ਸੇ ਨਿਡਰ ਨ ਹੋਵੇ। ਤਬ ਲਗ ਕੱਚਾ ਕਰ ਭਗਤੀ॥ 15 ॥
  • ਜ਼ਿੱਲਤ ਇੱਜ਼ਤ ਜੋ ਕੁਛ ਹੋਵੇ। ਮੌਜ ਬਿਚਾਰੇ ਕਰ ਭਗਤੀ॥ 16 ॥
  • ਗੁਰੂ ਕਾ ਬਲ ਹਿਰਦੇ ਧਰ ਅਪਨੇ । ਸੁਨ ਪਿਆਰੇ ਤੂ ਕਰ ਭਗਤੀ॥ 17 ॥
  • ਯੇ ਬਿਗਾੜ ਕੁਛ ਕਰੇਂ ਨ ਤੇਰਾ। ਕਿਉਂ ਝਿਝਕੇ ਤੂ ਕਰ ਭਗਤੀ॥ 18 ॥
  • ਬਿਨਾ ਮੌਜ ਗੁਰੂ ਕੁਛ ਨਹਿੰ ਹੋਤਾ। ਸੁਨ ਪਿਆਰੇ ਤੂ ਕਰ ਭਗਤੀ॥ 19 ॥
  • ਤੂ ਕੱਚਾ ਯਹ ਕਰੇ ਕਚਾਈ। ਔਰ ਕਹੂੰ ਕਿਆ ਕਰ ਭਗਤੀ॥ 20 ॥
  • ਕਰਤੇ ਕਰਤੇ ਪੱਕਾ ਹੋਗਾ। ਔਰ ਉਪਾਉ ਨ ਕਰ ਭਗਤੀ॥ 21 ॥
  • ਕੱਚੀ ਸੇ ਪੱਕੀ ਹੋਇ ਇਕ ਦਿਨ। ਛੋੜ ਕਪਟ ਤੂ ਕਰ ਭਗਤੀ॥ 22 ॥
  • ਕਪਟ ਭਗਤੀ ਕੁਛ ਕਾਮ ਨ ਆਵੇ। ਸੱਚੀ ਕੱਚੀ ਕਰ ਭਗਤੀ॥ 23
  • ਰਾਧਾਸੁਆਮੀ ਕਹਤ ਸੁਨਾਈ। ਜੈਸੀ ਬਨੇ ਤੈਸੀ ਕਰ ਭਗਤੀ॥ 24 ॥
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